अनार(Pomegranate) के इतने फायदे जितने आपने कभी सोचा न हो।

अनार(Pomegranate) विटामिनों और खनिजो से अत्यंत भरपूर है। इसमें कैलसियम , मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, लोहा, सोडियम, पोटासियम, तांबा, गंधक, क्लोरीन, विटामिन बी काम्प्लेक्स, विटामिन सी आदि प्रचुर मात्रा में मिलता है। आयुर्वेद के लगभग सभी ग्रंथों में इसके गूणों की चर्चा है। ये त्रिदोष नाशक, उद्दीपक, हृदय के लिए गुणकारी, संग्रहणी, अतिसार , वमन, तृषा नाशक, पौष्टिक बलवीर्य वर्धक , शक्तिवर्धक है। हृदय रोगों , जैसे उच्च रक्तचाप में इसे औषधि के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। जलन , पथरी, लिवर की कमजोरी में भी अत्यंत लाभप्रद है। यह थकान को तत्काल कम कर देता है। पुरूषों की कमजोरी, बीमारी के बाद की कमजोरी , रक्त अल्पता में भी अत्यंत प्रभावी है। अतः अनार का सेवन अधिक से अधिक करना चाहिए। जिन बच्चों का विकास धीमा हो और वे कमजोर रहते हो, उन्हें भी अनार का पूर्ण रूप से सेवन करना चाहिए।

अनार(Pomegranate) के आश्चर्य कर देने वाले औषधीय गुण

  • भूख की कमी , भोजन अच्छा न लगना, खाया हुआ भोजन ठीक से न पचना आदि तकलीफ में 100 ग्राम अनारदाना में काली मिर्च 24 ग्राम, कलौंजी 24 ग्राम , जीरा 30 ग्राम, सेंधा नमक 20 ग्राम मिलाकर चूर्ण कर ले । इस चूर्ण की 10 ग्राम की मात्रा सुबह शाम उष्ण जल से सेवन करें।
  • अनार की पत्ती 4 ग्राम, काला जीरा 3 ग्राम के अनुपात में पीस कर दिन मे 3 बार देने से संग्रहणी, आंव आदि रोग नष्ट हो जाते है।
  • अनार के कोमल पत्तों को पीसकर प्रातः सायं पीने से दिल की धड़कन कम होती है।
  • अनार के फूल के छिलकों का चूर्ण 1 चम्मच की मात्रा में दिन में तीन बार देने से खुनी बवासीर में लाभ होता है।
  • बार बार पेशाब होने पर , प्रमेह रोगों में अनार की कली, कत्था तथा मिश्री बराबर मिलाकर 1 -1 चम्मच दिन में 2 बार लेने से आराम हो जाता है।
  • महिलाओं में श्वेत प्रदर (लिकोरिया) में 10 से 13 पत्तियों को 5 दाना काली मिर्च के साथ पीसकर दिन के दो बार पीने से आराम होता है ।
  • अधिक प्यास लगने , जी मिचलाने आदि में अनार के रस में आधा निम्बू निचोड़ कर पीये।
  • सूखा अनारदाना पानी में भिगो दे। तीन चार घंटे बाद इस जल को थोड़ी थोड़ी मिश्री मिलाकर कई बार पिलाने से उलटी, जलन, अधिक प्यास आदि रोग नष्ट होते है
  • जुकाम में अनार के पत्तों को गुड़ में पीसकर जंगली बेर जितनी बड़ी गोली बना लें। एक एक गोली को दिन में तीन बार चूसने से आराम हो जाता है।
  • मुहांसे , झाइयां , कील, आदि में अनार के फल के छिलके को उबाल कर उस पानी से घाव को धोने से घाव जल्दी भर जाता है।
  • सर में जहाँ बाल गायब होते हों, वहां अनार के पत्तों को पीसकर दो बार लेप करें।
  • दांतो के मसूड़ों से खून आता हो तो अनार के फूलों के चूर्ण से मंजन करने से आराम मिलता है।
  • बिच्छु , मधुमक्खी , बर्रे आदि के काटने पर अनार के पत्तों को पीसकर तुरंत लेप कर दें।

अब तक आप जान चुके होंगे की अनार (Pomegranate) सिर्फ एक फल ही नहीं बल्कि इसके अनेको औषधियों गुण भी है जिसे अपनाने से आपकी रोज़ की ज़िन्दगी में बहुत सारे लाभप्रद फायदे हो सकते है । जरूरत है तो बस जागरूक होने की । आपके सभी बिमारियों का इलाज हमारे पर्यावरण में ही है , जिसका बृहद और बेहद आसान वर्णन आयुर्वेद ने किया है।

उसी आयुर्वेद को और आसान तथा रोचक ढंग से हम  eyogguroo  के माध्यम से आप तक पहुंच रहे है , तो इसे पढ़िए और इसका लाभ उठाइये। ऐसे ही गुड़ (jaggery) के भी बहुत औषधीय गुण होते है । गुड़ के गूणों को जानने के लिए इस लिंक पर जाएँ ( आयुर्वेद (Ayurveda) के अनुसार-गुड़ (Jaggery) है उत्तम गुणों से भरपूर ) । साथ ही अपने महत्वपूर्ण विचार कमेंट सेक्शन में लिखना भूलें।

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Nidhi Patel

Specialized in Vedic literature with professional experience in field of Ayurveda , & one year experience in content writing makes me able to share my views with others for the benefits of mankind

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