अस्‍थमा रोगियों के लिए रामबाण है ये 5 तरह के फूड

वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण, बिगड़ता लाइफस्‍टाइल, खान-पान की गलत आदतें, मिलावटी आहार, शुद्धता की कमी आदि के चलते अस्‍थमा का कहर दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। अस्‍थमा एक गंभीर बीमारी है जो सांस नलिकाओं को प्रभावित करती है। यह समस्‍या व्‍यक्ति को बहुत परेशान करती है क्‍योंकि इसमें व्‍यक्ति का सांस लेना दूभर हो जाता है। यानी व्‍यक्ति चाहकर भी ठीक से सांस नहीं ले पाता है। कई लोगों के लिए तो यह बीमारी दम घोटू बनकर रह जाती है। इसमें सांस लेने से ज्‍यादा सांस छोड़ने में मुश्किल होती है। यह बीमारी सर्दियों में खासतौर पर परेशान करती हैं।

अस्‍थमा आमतौर से घर पर धूल युक्त वातावरण, पालतू जानवर, धुंए और धूल, स्‍मोकिंग या अधिक शराब का सेवन, ठंड, फ्लू, ब्रांकाइटिस और साइनसाइटिस के इंफेक्‍शन, किसी फूड से एलर्जी से कारण होता है। इसके अलावा स्‍ट्रेस, बहुत अधिक जंक फूड का सेवन, ज्‍यादा नमक और आनु‍वांशिकता भी इसके कारण हो सकते हैं। अस्‍थमा में व्‍यक्ति को सांस लेने में तकलीफ के अलावा खांसी, छींक, सर्दी, सीने में जकड़न, सांस में घरघराहट जैसी आवाज, बेचैनी, सिर में भारीपन आदि लक्षण दिखाई देते है। कई बार समस्‍या ज्‍यादा बढ़ जाने पर व्‍यक्ति को उल्‍टी भी महसूस होती है।

अगर आपको भी अस्‍थमा परेशान करता है तो घबराइए नहीं क्‍योंकि कुछ फूड की मदद से आप इसे आसानी से कंट्रोल कर सकते हैं। शायद आपको यकीन नहीं हो रहा होगा, तो आइए ऐसे ही कुछ फूड के बारे में जाने जो अस्‍थमा से लड़ने में मददगार होते हैं।

ये 5 तरह के फूड अस्‍थमा के रोगियों के लिए है फायदेमंद

1.एंटी-बैक्‍टीरियल गुणों वाला लहसुन

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रोजाना लहसुन की कुछ कलियों को खाने से ना केवल आप अक्‍सर होने वाली सर्दी से बच सकते हैं बल्कि इसमें मौजूद एंटी-बैक्‍टीरियल गुणों के कारण यह शरीर और फेफड़ों से फ्री रेडिकल्‍स को दूर करने में मदद करता है। जिससे इंफेक्‍शन से लड़ने और फेफड़ों की सूजन को कम करने में मदद मिलती है। इसके अलावा लहसुन में एलिसिन नामक तत्‍व पाया जाता है जो हमारी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इसलिए अस्‍थमा के रोगियों को लहसुन का सेवन जरूर करना चाहिए।

2.विटामिन सी से भरपूर फूड

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विटामिन सी से भरपूर फूड में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्‍सीडेंट पाए जाते हैं और यह एंटीऑक्‍सीडेंट सांस लेते समय बॉडी के अन्‍य अंगों को ऑक्‍सीजन पहुंचाने में मदद करते हैं। साथ ही यह आपके फेफड़ों में मौजूद विषाक्‍त पदार्थों को निकालने में मदद करते हैं और श्‍वसन संबंधी समस्‍याओं से लड़ने में मदद करता है। इसके अलावा विटामिन सी जलन को कम करने में मदद करता है। संतरे, नींबू, टमाटर, कीवी, स्ट्रॉबेरी, अंगूर, पाइनएप्‍पल और आम आदि में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है।

3.ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर फूड

ओमेगा-3 फैटी एसिड

ओमेगा-3 फैटी एसिड फेफड़ो के लिए ही नहीं बल्कि आपके संपूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य के लिए अच्‍छा होता है। यह फेफडों में होने वाली जलन, टिश्‍युओं को होने वाले नुकसान, सांस की तकलीफ और घरघराहट के लक्षणों से निजात दिलाता है। इसके अलावा, ओमेगा-3 फैटी एसिड को अपनी डाइट में शामिल करने से अस्‍थमा के रोगियों की हेल्‍थ सुधारती हैं। इसलिए अस्‍थमा के रोगियों को इसे अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए। ओमेगा-3 फैटी एसिड मछली के अलावा, ड्राई फ्रूट्स जैसे अख्‍रोट और अलसी में बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है।

4.रोजाना एक सेब खाएं

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अस्‍थमा एक जानलेवा बीमारी है इसलिए इससे बचना बेहद जरूरी है और इससे बचने के लिए आपको सेब का सेवन करना चाहिए। जी हां सेब एक ऐसा फल है जिसका रोजाना सेवन करने की सलाह सभी देते है। और इसपर एक कविता भी आपने सुनी होगी कि रोजाना एक सेब खाने से आप डॉक्‍टर को खुद से दूर रख सकते हैं। सेब में मौजूद फ्लेवोनॉयड फेफड़ों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। इसलिए अस्‍थमा से बचने के लिए आपको रोजाना एक सेब जरूर खाना चाहिए।

5.फाइबर से भरपूर फूड

फाइबर फूड

फाइबर ना केवल आपके पेट के लिए बल्कि अस्‍थमा को कंट्रोल करने में भी बेहद लाभदायक होता है। एक नए शोध के अनुसार फाइबर से भरपूर फूड का सेवन करना भी अस्‍थमा के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद होता है। जी हां फाइबर के सेवन से इम्‍यून सिस्‍टम में कई तरह के बदलाव होते हैं जो एलर्जिक अस्‍थमा से बचाव करने में मददगार होते हैं। इसके अलाव फल और सब्जियों में मौजूद फाइबर आंतों में जीवाणुओं के स्‍तर पर कुछ इस तरह असर करता है कि शरीर एलर्जी से होने वाले अटैक के लिए इम्‍यूनिटी को विकसित कर लेता है। हरी सब्जियां, दालों, अलसी, ओट्स, दलिया, सेब, अमरूद आदि में भरपूर मात्रा में पाया जाता है।

तो देरी किस बात की अस्‍थमा से बचने के लिए आज से ही इन फू्ड्स को अपनी डाइट में शामिल करें।स्वास्थ्य के बारे में और जानने के लिए हमारी वेबसाइट को बुकमार्क करे.और हाँ प्रिये दोस्तों, अगर आपको हमारा ये लेख पसंद आये तो इसको अपने फेसबुक, ट्विटर आदि पर शेयर करना ना भूले. स्वस्थ रहे मस्त रहे।

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