जोड़ो के अनेक रोगों का एक उपाय : गरुड़ासन (Garudasana)

योग हमारे जीवन का आधार है। जो हमारे ऋषि मुनियों के द्वारा प्रदान की गयी है। योग ना केवल हमारे शरीर को स्वस्थ रखता है बल्कि यह हमारे मन को भी शांत रहने में तथा शक्ति प्रदान करता है। इस आसन का नाम गरुड़ आसन (Garudasana) है , यह एक खड़े होकर किये जाने वाले आसन में से एक है। इस आसन का नाम गरुड़ आसन (Garudasana) इसलिए है क्योंकि इस आसन द्वारा बनने वाली आकृति गरुड़ के के समान है। जिस प्रकार किसी मशीन को सुचारू रूप से चलाने के लिए ग्रीस की जरुरत होती है उसी तरह हमारे शरीर का ढांचा यानी हड्डियों को  सुचारू रूप से चलाने के लिए गरुणासन (Garudasana) उसी ग्रीस का काम करता है।

गरुड़ एक पक्षी है। इस आसन में शरीर की आकृति गरुड़ के समान होने से इसका नाम गरुड़ासन (Garudasana) है।

गरुड़ आसन (Garudasana) के लाभ

  • खड़े रहने में लम्बवत (vertical) खिंचाव (stretch) पड़ता है। इस आसन में कमर के निचले भाग के दोष दूर होते हैं। जैसे – कमर दर्द, स्लिप डिस्क आदि।
  • अण्ड कोष वृद्धि तथा हर्निया ( आंतो का नीचे उतरना) का दोष दूर होता है।
  • गठिया , शायटिका, घुटने, जोड़ो का दर्द ठीक होता है।
  • हाथ कांपना रुकता है। नाड़ी मण्डल (pulse group) बलिष्ट होता है।
  • देर तक चलने या देर तक खड़े रहने पर होने वाली थकान मिटती है।
  • पैरों में होने वाली गिल्टी ठीक होती है।
  • गुदा व मूत्राशय के सभी दोष दूर होते हैं।
  • शरीर में लचीलापन (flexibility) बनी रहती है।

गरुड़ासन (Garudasana) विधि

  • अपने आसन पर खड़े हो जाएं।
  • दाएं पैर को सामने से ले जाकर बाएं पैर के ऊपर रखते हुए रस्सी के बट की तरह लपेटें। ठीक इसी तरह से दाएं हाथ को बाएं हाथ के ऊपर ( बाहर से लाते हुए) रखते हुए लपेटें।
  • दोनों हाथों की हथेलियां परस्पर मिल जाएं तथा नासिका (nose)  के सामने रखें। श्वास बाहर निकालते हुए यथाशक्ति स्थिति बनाएं तथा जंघाओं को दबाएं।
  • यही क्रिया दूसरे हाथ व पैर से दुहराएं। इसका अभ्यास प्रत्येक दिशा में कम से कम एक मिनट तक करें। इस अवस्था में मूलबन्द लाभप्रद रहेगा। पूर्ण स्तिथि में श्वास स्वाभाविक कर लें ।
  • ध्यान का केंद्र- स्वाधिष्ठान चक्र

गरुड़ आसन (Garudasana) की विधि और लाभ आप जान चुके है , इस आसन को करने के लिए किसी अलग विधि या किसी प्रकार का अलग सामान की जरूरत नहीं है , यह आसन (Garudasana) आप कभी भी जरूरत पड़ने पर अपने जरूरत की हिसाब से कर सकते हैं। खड़े खड़े काम करने के बाद की थकान को दूर करने के लिए ये योग आसन बहुत लाभकारी है। जो की आज के भागदौड़ से भरी जिंदगी के लिए बहुत जरुरी है , और बहुत लाभकारी भी । इसी तरह के आसनो के बारे में जानने के लिए हमें अपने सुझाव नीचे कमेंट जरूर  करें , आपके कमेंट हमारे लिए जरुरी है, और यह पोस्ट आपको कैसा लगा ये भी बताएं।

प्रत्येक आसनो को करते वक़्त हमारे ध्यान को एकाग्र रखना चाहिए । ध्यान केंद्र के बारे में अधिक जानकारी के लिए हमारे दिए गए लिंक पर जाऐं  ( योग करते समय कहाँ रहे हमारा ध्यान केंद्र बिंदु (Focus Centre Point) or चक्र? ).

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Nidhi Patel

Specialized in Vedic literature with professional experience in field of Ayurveda , & one year experience in content writing makes me able to share my views with others for the benefits of mankind

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