जीवन भर करते रहें मेथी (Fenugreek) का उपयोग , इसके गुण है ही ऐसे

मेथी (Fenugreek) के पत्तो का साग , रस व सूप रक्तवात , गठिया , दृष्टिदोष और वात जन्य रोगशामक है । सूखी मेथी के बीजों की अपेक्षा मेथी की सब्जी कुछ ठंडी, पाचक , गर्भवती, वायुदोष के रोगियों के लिए अत्यंत हितकारी है । एक शोध के अनुसार , मेथी की सब्जी या मेथी दाने के सेवन से वात रोगों का शमन होता है।

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घरेलु नुस्खे

  • रोज मेथी की हरी पत्तियों का साग बनाकर खाने या उसका रस निकालकर पीने या सुखी मेथी का सेवन करने से 80 प्रकार के वात जन्य दर्दों में लाभ होता है।
  • मेथी के पत्तों में ‘ट्रिगोथिन’ नामक तत्व पाया जाता है, जो लिवर के विकारों में अत्यंत लाभप्रद होता है। 100 ग्राम मेथी के पत्तो के रस में एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से यकृतदोष , यकृत की वृद्धि से उत्पन्न कठोरता , संधिवात, सूजन, दर्द व मधुमेह रोगों में आराम मिलता है।
  • मेथी का काढ़ा बनाकर उसमें 2 चम्मच शहद मिलाकर पीने से खांसी में आराम मिलता है।
  • मेथी की पत्तियों की पुल्टिस बांधने से चोट की सूजन दूर होती है।
  • बच्चो के पेट में कीड़े हो जाने पर उन्हें 1-2 मेथी की सब्जी प्रतिदिन पिलाने से लाभ होता है।
  • पसलियों में दर्द होने पर 100 ग्राम मेथी दाना हल्का सा भून लें । फिर इसका बारीक़ चूर्ण बनाकर उसमें चूर्ण चौथाई भाग काला नमक मिलाकर रख ले । इस चूर्ण की 5 ग्राम की मात्रा सुबह शाम गुनगुने पानी के साथ सेवन करे । चाहे कोई भी असहनीय दर्द हो , 15 दिनों में ख़त्म हो जायेगा।
  • वात के कारण हाथ – पैरो की मांसपेशियों में दर्द हो रहा हो तो मेथी की पत्तियों को घी में भूनकर प्रतिदिन सुबह शाम 100-150 ग्राम खाएं या मेथी दाने का सेवन करें।
  • प्रतिदिन मेथी की सब्जी का सेवन करने से वायु , कफ और बवासीर में लाभ होता है।
  • जिन्हें बार बार यूरिन के लिए जाना पड़ता है, उन्हें मेथी के पत्तो के 100 मिली रस में डेढ़ ग्राम कत्था और 3 ग्राम मिश्री मिलाकर प्रतिदिन 3 बार सेवन करना चाहिए।
  • जिन्हें लो ब्लड प्रेशर (निम्न रक्तचाप) की शिकायत हो , उन्हें मेथी की भाजी में अदरक , गर्म मसाला आदि डालकर सेवन करने से लाभ होता है।
  • वात रोगों से पीड़ित होने पर 2-2 ग्राम मेथी चूर्ण सुबह शाम लेने से आराम मिलता है।
  • गठिया के दर्द में मेथी दाने का लड्डू सेवन करना सर्वोत्तम है । 125 ग्राम मेथी दाने को भूनकर चूर्ण बना ले । फिर इसमें 500 ग्राम गुड़ मिलाकर 25-25 ग्राम के लड्डू मिला ले । 1 -1 लड्डू सुबह शाम सेवन करने से गठिया , कमरदर्द, कब्ज आदि की शिकायत दूर हो जाती है।
  • मेथी , राई और अजवायन समान मात्रा में लेकर बारीक चूर्ण बनाकर उसमें आवश्यकता अनुसार सेंधा नमक मिलाकर रख लें। पतला दस्त होने और एक चम्मवः चूर्ण पानी के साथ सेवन करें।
  • सुबह 3 -4 ग्राम मेथी का सेवन करने से वृद्धावस्था में घुटनो के दर्द से बचा जा सकता है। मेथी दाने का काढ़ा बनाकर नियमित 2-3 महीने तक पीने से घुटनों और टखनों का जलनयुक्त दर्द ठीक हो जाता है ।

आयुर्वेद जीवन पद्धति के अनुसार आप के खाने पीने और रहने के तरीके से ही आपकी सेहत बनती या बिगड़ती है । केवल अनाज और सब्जियां ही नही बल्कि रसोई में इस्तेमाल किये जाने वाले मसाले भी आपके सेहत में बहुत प्रभावशाली है। और भी अनेको ऐसे मसलो के चिकित्सीय प्रयोग जानने के लिए दिखाये हुए लिंक पर जाये ( KITCHEN- ‘THE MEDICAL STORE , Use your kitchen ingredients as natural remedies! ) साथ ही अपनी महत्वपूर्ण सुझाव हमे कमेंट सेक्शन में देना न भूलें।

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Nidhi Patel

Specialized in Vedic literature with professional experience in field of Ayurveda , & one year experience in content writing makes me able to share my views with others for the benefits of mankind

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