बवासीर ( Piles ) के दर्द से हैं परेशान??? करें ये घरेलू उपाये।

जानें पाइल्स के कारण, लक्षण व घरेलू उपचार।

बदलते दौर में हम जैसे-जैसे टेक्नॉलॉजी को अपनाते जा रहे हैं वैसे-वैसे बीमारियों को जन्म दे रहे हैं क्योंकि टेक्नॉलॉजी से आपका सारा काम बैठे बिठाय हो जाता है। अब जब हमेशा बैठे ही रहेंगे तो बीमारियां तो होंगी ही ना। ऊपर से हमारा ये नया खाना पिज्जा और बर्गर जैसी चीजें। इससे हम बीमार और बहुत बीमार होते जाते है। शरीर के अंदर की परिस्थितियाँ बदलती जा रहीं है। पाचनतंत्र (डायजेस्टिव सिस्टम) को उसके अनुकूल भोजन नहीं मिल रहा। ऐसे में पेट में कब्ज हो जाती है और इसी कब्ज की वजह से इंसान को पाइल्स (बवासीर) जैसी बीमारियाँ होने लगती हैं।

पाइल्स (बवासीर) क्या होता है –

पाचनतंत्र के सबसे निचले हिस्से गुदा द्वार (मल द्वार) जहां से मल बाहर जाता है, जब उसमें सूजन आ जाती है, शौंच (मल त्याग) के दौरान दर्द के साथ रक्त आता है। तो ऐसी स्थिति को पाइल्स कहते हैं।

पाइल्स के प्रकार

पाइल्स दो तरह का होता है बाहरी पाइल्स और भीतरी पाइल्स। बाहरी पाइल्स में व्यक्ति के गुदा द्वार के उपरी हिस्से में सूजन और मस्सा रहता है। इसमें व्यक्ति को दर्द नहीं होता लेकिन खुजली बहुत होती है। जिससे कई बार व्यक्ति यदि ज्यादा खुजली करे तो रक्त भी निकल आता है।

भीतरी पाइल्स में गुदा द्वारा के अन्दर मौजूद नसों में ज्यादा जोर देने से सूजन आ जाती है, नस फूलनें लगती है। नस फूलने से जब मल त्याग करते तो उसमें रगड़ पड़ती है और रक्त बाहर आ जाता है। ये स्थिति बहुत ही दर्दनाक होती है। तकरीबन 1 से 2 घंटे तक बहुत ही तेज दर्द बना रहता है।

पाइल्स के कारण –

व्यक्ति के शरीर के अन्दर पाइल्स जैसी स्थिति कैसे उत्पन्न होती है ये जानना जरूरी है। इसका सबसे बड़ा कारण होता है बाहर का तला भुना, ज्यादा तेल वाला भोजन, अधिक मिर्च मसाले खाना। इससे कब्ज हो जाती है। कब्ज के रोगी का शौंच जाने का समय कभी भी तय नहीं होता। इससे पेट में पड़ा मल सूखने लगता, जब सूखे मल को त्याग के लिए जाते हैं तब अधिक जोर लगाना पड़ता है, ऐसे में जोर लगाने से नसों में सूजन आ जाती है। सूजन आने से सूखा मल जब रगड़ खा के बाहर आता है तो उस वक्त असहनीय दर्द होता है और कई बार रक्त भी बाहर आ जाता है। अगर इस स्थिति में इलाज ना कराया गया पाइल्स बढ़ता जाता है।
पाइल्स होने के कई और कारण है जैसे –

  • रोजाना अधिक समय के लिए बैठकर काम करना।
  • अधिक शराब का सेवन।
  • अधिक मोटापा भी पाइल्स का कारण हो सकता है।
  • देर रात तक जागना।
  • कम पानी पीना।
  • तनाव
  • शौच को ज्यादा देर तक रोकना।
  • विरासत में मिली बीमारी।

पाइल्स के लक्षण –

  • गुदा द्वार में बार-बार खुजली होना।
  • ज्यादा बैठने से गुदा द्वार में दर्द होना।
  • गुदा द्वार के आस पास सूजन।
  • शौच के बाद संतुष्टि ना होना।
  • कब्ज का हमेशा बने रहना।

पाइल्स का घरेलु उपचार –

  • पाइल्स का सबसे अच्छा घरेलू उपचार है छाछ। रोज़ाना काले नमक और जीरे के साथ छाछ पीने से पाइल्स के रोगी को बहुत आराम मिलता है।
  • तिल के लड्डू खाने से पाइल्स खत्म हो जाता है।
  • रोजाना पालक,गाजर या फिर चुकंदर के रस का सेवन करने से पाइल्स जल्दी ही ठीक हो जाता है।
  • बवासीर में नीम के तेज का लगाने से भी आराम मिलता है।
  • पाइल्स रोगी को अपने भोजन के साथ शलजम, मेथी, करेला और गाजर को जरूर जोड लेना चाहिए। इनके नियमित सेवन से भी पाइल्स में लाभ मिलता है।
  • पानी में शहद, निम्बू रस, अदरक और पुदीना मिलाकर पीने से पाइल्स में आराम मिलता है।
  • सलाद में मूली के सेवन से भी पाइल्स खत्म होती है।
  • रोजाना दही का सेवन से पाइल्स के दर्द में आराम मिलता है।
  • पिसे जीरे को पाइल्स पर लगाने से आराम मिलता है।
  • प्याज और पपीते के सेवन से भी पाइल्स में फर्क पड़ता है।

पाइल्स को इन घरेलू उपचार के साथ कुछ चीजों के परहेज से जड़ से खत्म किया जा सकता है। शरीर से एक बार पाइल्स के चले जान के बाद इसके वापस आने का दोषी इंसान खुद होता है। इसलिए बदलती जीवनशैली में अपने आपको ज्यादा ना बदले और ना ही प्रकृति से दूर जायें। जितना हो सके प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल करें और स्वस्थ रहें।

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