अब हार्ट अटैक (heart attack) आने से पहले ही रहे सचेत

हार्ट अटैक (heart attack)  एक हृदय रोग है यानी heart disease पर कुछ लोग heart attack को cardiovascular disease कहते हैं, यह सत्य नही है। हार्ट अटैक (heart attack)  ऐसी स्तिथि है, जिसमे हृदय की किसी भी मांसपेशी में रक्त का प्रवाह रुक जाए। यह प्रवाह coronary artery के बन्द हो जाने से होता है। जो हृदय को निरंतर रक्त पंहुचाने का काम करती है। यह धमनी रक्त के थक्कों के कारण रुक सी जाती है। अतः रक्त पूर्णतया आगे नही पहुँच पाता , जिस कारण मरीज के छाती में दर्द तथा दिल घबराने वाले लक्षण  होने लगते हैं।

Silent heart attack –

यह भी हार्ट अटैक (heart attack)  ही है, परंतु इसमें अटैक आने के दौरान दर्द नही होता । यह पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में ज्यादा होता है।

लक्षण

  • Chest discomfort, mild pain (हल्का दर्द)
  • उल्टी जैसा मन होना
  • छाती की जकड़ाहट
  • घबराहट , चक्कर आना
  • सांस लेने में दिक्कत
  • पूरा शरीर पसीने में भीग जाता है

कारण

आयु – पुरुषों में 45 वर्ष तथा महिलाओं में 55 वर्ष की आयु के बाद हार्ट अटैक की सम्भावना बढ़ जाती है।

एन्जाइना – जब हृदय को पूर्ण रूप से ऑक्सीजन न मिल पाए, तब यह रोग उत्पन्न होता है। यह हार्ट अटैक (heart attack)  की संभावनाओं को बढ़ा देता है। कई तरह के केसो में हार्ट अटैक तथा एन्जाइना में अंतर नही होता। एन्जाइना में जो दर्द होता है वह 15-30 मिनट आराम करने से चला जाता है, जबकि हार्ट अटैक (heart attack)  का दर्द लंबे समय के लिए होता है। वह आराम करने से भी ज्यों का त्यों बना रहता है।

रक्त कॉलेस्ट्रॉल लेवल –  हृदय में चर्बी के बढ़ने से रक्तवाहिनियों में रूकावट आती है, जिससे हार्ट अटैक (heart attack)  की संभावनाएं बढ़ जाती है।

खुराक – जो व्यक्ति ज्यादा चर्बी वाला भोजन खाते है, उन्हें भी हार्ट अटैक (heart attack)  हो सकता है ।

मधुमेह – मधुमेह के रोगी को वैसे ही कई बीमारियों का सामना करना पड़ता है क्योंकि उसकी immunity कमजोर होने के कारण हार्ट अटैक की सम्भावना बढ़ जाती है।

इसके अतिरिक्त शारीरिक क्रिया न करना , मोटापा , उच्च रक्तचाप, धूम्रपान करने या धूम्रपान करने वाले के पास बैठना भी हार्ट अटैक (heart attack)  के रोग का कारण बन सकता है।

उपचार

  • वसायुक्त आहार का सेवन करने से बचें।
  • अपक्वाहर का सेवन करें।
  • उच्च रक्तचाप को नियंत्रित रखें।
  • यौगिक जीवन जीये , जिसके लिए प्रतिदिन प्रातः किसी निपुण योग शिक्षक की देखरेख में आसन , प्राणायाम , ध्यान करने से सभी नस – नाड़ियां खुलती हैं तथा इस बीमारी से बचा जा सकता है।

हार्ट अटैक (heart attack) किसी को कभी भी हो सकता है लेकिन अपने रोज के दिनचर्या में थोड़ा बहुत परिवर्तन करने से हार्ट अटैक जैसे भयंकर बीमारी से बचा जा सकता है । बस आपको ऊपर बताये गये कुछ नियमो का पालन करना होगा । हृदय रोगी को भूख से कम खाना  चाहिए  तथा जहाँ तक हो सके शांत रहना चाहिए। सबसे जरुरी बात नियमित योगाभ्यास करते रहना चाहिए। हार्ट की और भी बहुत सी बीमारियां होती है , हार्ट की बीमारियां तथा उसके उपचार जानने के लिए इस लिंक पर जाएं ( दिल का मामला है , रखना संभाल के ( Heart Special) ) । अपने महत्वपूर्ण सुझाव हमे कमेंट बॉक्स में लिखना न भूलें।

 

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Nidhi Patel

Specialized in Vedic literature with professional experience in field of Ayurveda , & one year experience in content writing makes me able to share my views with others for the benefits of mankind

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