बलात्‍कार जैसा दुष्‍कर्म क्‍यों होता है महिलाओं के साथ

एक बलात्‍कार जिसने सभी को दहला दिया और गुस्‍सा दिलाया। उस समय जब सम्पूर्ण देश एक आवाज मे बोल रहा हो कि आखिर ऐसा क्‍यों हुआ निर्भया के साथ। परन्तु बाद में क्‍या हुआ? क्‍या बलात्‍कारियों के लिए कोई ऐसा कानून बना? जो उनके दिल में इस दुष्‍कर्म के बाद खौफ पैदा कर सकें। शायद नहीं क्‍योंकि एक निर्भया के बाद ना जाने कितनी ही निर्भया हर रोज इस दुष्‍कर्म का शिकार होती हैं।

भारत में बलात्‍कार आम बात हो गई है? आए दिन रेप, गैंगरेप की खबर देश के किसी न किसी कोने से आती ही रहती है। एक बच्‍ची के साथ उसका टीचर जबरदस्‍ती करता रहा, या ए‍क लड़की को उसके दोस्तों ने बर्थडे पार्टी में बुलाकर, उसकी कोल्ड ड्रिंक में नशे की दवा मिलाकर और उससे रेप किया।और ना जाने बलात्‍कार से जुड़ी कितनी खबरें रोजाना सुनने को मिलती हैं। कई मामले तो इतने संगीन होते हैं कि हमारे रोंगटे खड़े कर देते हैं। ये क्‍या हो रहा है?  ना जाने ऐसे कितने ही केस हमें हर रोज सुनने को मिलते हैं। आखिर ऐसा क्या है जो बलात्‍कार के लिए उकसाता है?

जी हां भारत जैसे देश में जहां नारी का सम्‍मान किया जाता है और उसे पूजनीय माना जाता है। जहां छोटी बच्चियों को बेटी और मध्‍यम उम्र की महिला को बहन और बड़ी उम्र की महिला को मां का दर्जा दिया जाता है। ऐसे देश में अगर अपराध होते हैं तो एक बार जरूर सोचना चाहिए कि ऐसे कौन से कारण हैं जिनके चलते ऐसी घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही हैं?

बलात्‍कार के लिए छोटे कपड़े है जिम्‍मेदार?

कई बार महिलाओं और लड़कियों के छोटे कपड़े पहनने या देर रात तक बाहर घूमने को बलात्‍कार जैसी वारदातों को कारण माना जाता है। क्‍योंकि माना जाता है कि छोटे कपड़े उत्‍तेजित करते हैं। लेकिन इन बेबकूफों से ये कौन पूछे अगर शार्ट ड्रेस के कारण बलात्‍कार हो रहे हैं तो जो मासूम बच्चियों के साथ बलात्‍कार क्‍यों होता हैं उनने कौन से छोटे कपड़े पहन लिए थे जो बलात्कारियों को उत्तेजित करती है। दरअसल बात कपड़ों की नहीं बल्कि समाज की सोच  की है।

बलात्‍कार

कानूनी व्यवस्था में ढीलापन

किसी भी अपराध की सजा जितनी जल्‍दी मिल जाती है तो उसके करने वालों के मन में एक डर हो जाता है, लेकिन अगर किसी अपराध की सजा मिलने में वर्षो लग जाये तो अपराधी के मन में डर कम हो जाता है। क्‍या आप जानती हैं कि चीन में प्रति लाख लोगों पर 159 जज, जबकि भारत में लाख लोगों पर 15 है। ऐसे में हमारी लेट लतीफ कानूनी व्‍यवस्‍था के कारण न्याय मिलने में देरी के कारण बलात्‍कार जैसी वारदातों को बढ़ावा मिलता है। कई बार तो बलात्कार पीड़ित महिला भी न्याय मिलने में देरी के डर से शिकायत नहीं करती है। संयुक्त राष्ट्र ने 2013 में एशिया प्रशांत क्षेत्र में किए सर्वे के अनुसार, सर्वे में शामिल हर 4 में 1 पुरुष ने अपने जीवन में कम से कम 1 बार किसी महिला का रेप किया। इनमें से 72 से लेकर 97 प्रतिशत मामलों में पुरुषों को किसी कानूनी कार्यवाई का सामना नहीं करना पड़ा था।

अपने अधिकारों से अंजान हैं महिलाएं

आज भी भारतीय समाज में महिलाओं की स्थिति दयनीय है। और यहीं उनके प्रति हो रहे यौन हिंसा का सबसे बड़ा कारण है क्‍योंकि अभी भी महिलाएं अपने अधिकार से अंजान है। बचपन से ही उन्हें घर में दबाकर रखा जाता है, यहीं स्थिति दयनीय उन्‍हें बना देती है। जिसके कारण वो अपने प्रति होने वाले अपराध की शिकायत किसी से नही कर पाती है।

शिकायत करने से है घबराती

बलात्‍कार पीड़ि‍त अधिकांश महिलाएं इसलिए भी शिकायत नहीं करती हैं क्‍योंकि वह पुलिस द्वारा पूछे जाने वाले सवालों से घबराती है। इसलिए शर्म के कारण महिलाएं अपने साथ हो रहे इस अत्‍याचार की शिकायत कर ही नहीं पाती है।

शिक्षा का अभाव

समाज में महिलाओं के प्रति अपराध के बारे में शिक्षा के अभाव के चलते भी इस तरह की घटनाएं दिन-ब-दिन बढ़ रही है। जरुरत सिर्फ महिलाओं को शिक्षित करने की नहीं है, बल्कि पुरुषों को भी महिलाओं की इज्‍जत के बारे में समझाना जरुरी है। जी हां जहां एक ओर लड़कियों में आत्मरक्षा की कमी है वहीं दूसरी ओर लड़कों में वैचारिक सोच की। इसलिए लड़कियों के साथ-साथ लड़कों को भी अपनी सोच बदलनी होगी।

बलात्‍कार

मानसिकता

बलात्‍कार का सबसे बड़ा कारण लोगों की छोटी मानसिकता है। आपने कितने ही केस देखें होंगे जहां बलात्‍कार के मामलों में पाए गए लोगों का उनके घरवालों का किसी ना किसी तरह सहयोग जरूर मिला है। अक्‍सर ऐसा अमीर घरों में देखने को मिलता है। ऐसा आपने दामिनी फिल्‍म में भी देखा होगा। यदि सभी अपने बेटा, पति, भाई या अपने घर के अन्‍य किसी भी पुरुष सदस्‍य को महिलाओं का सम्मान करना सिखाएंगें तो आप उन्‍हें लड़कियों के सम्मान करा पाने में सफल हो जाएंगें।

जब तक पुरुष महिलाओं को हैवानियत भरी नजर से देखना बदं नहीं करेंगे तब तक बलात्‍कार जैसी घटनाओं पर काबू पाना मुश्किल है। क्‍योंकि बलात्‍कारी मानसिक रूप से रोगी होते हैं जिन्‍हें फांसी की सजा भी अपने हवस की पूर्ति के सामने छोटी लगती है। मानसिकता बदल कर इस समस्या से बचा जा सकता है। अगर हर पुरुष हर महिला को इज्‍जत की नजर से देखेंगा तो महिलाओं के प्रति उनकी मानसिकता बदल जायेगी। और इस प्रकार पुरुषवादी मानसिकता को सुधाकर बलात्‍कार, छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर काबू पाया जा सकता है।

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One thought on “बलात्‍कार जैसा दुष्‍कर्म क्‍यों होता है महिलाओं के साथ

  • March 8, 2018 at 2:00 pm
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