पेट के सभी बीमारियों से दूर रखें –पादोत्तान आसन

यदि हमारा पेट ठीक हो तो रोगों का आक्रमण कम होता है। पेट के सभी अंगों को पुष्ट रखने का

Back bone से जुड़ी समस्याओं के लिए करें – भुजंगासन

फन उठाते भुजंग (सांप) जैसी आकृति इस आसन से बनती है। इसलिए इसका नाम भुजंगासन है। सांप का शरीर लाचरेल

बीमारियों को आपके पास न आने दे – मत्स्यासन

इस आसन में मछली जैसी आकृति शरीर की बनती है, इसलिए इसे मत्स्यासन कहते हैं। फेफड़ें , उदर और रीढ़

बच्चों का सबसे प्रिय योगासन – शीर्षासन (Shirshasana) ,जाने क्या है इसके लाभ

सिर के बल समूचे शरीर को स्थिर करने के कारण ही इसे शीर्षासन नाम दिया गया है। हमारे सिर के तीन

सिर दर्द या माइग्रेन को दूर रखें – चक्रासन (Chakrasana)

गोल आकार को चक्र कहते हैं। शरीर की आकृति इस आसन में गोलाकार जैसी बनती है, इसी कारण इसे चक्रासन

जोड़ो के अनेक रोगों का एक उपाय : गरुड़ासन (Garudasana)

योग हमारे जीवन का आधार है। जो हमारे ऋषि मुनियों के द्वारा प्रदान की गयी है। योग ना केवल हमारे

अपने शरीर को लचीला बनाएं पद्मासन (Padmasana) से

पदमासन (Padmasana) ध्यान के आसनों में श्रेष्ठ एवं सुप्रसिद्ध आसन है। पदम् कमल को कहते हैं। जैसे कमल पानी में

योग (Yoga) शुरू करने से पहले जरूर जाने ये बातें –

1.कान, आँख और छाती (chest) में पीड़ा हो , उच्च रक्तचाप हो तो सर्वांगासन न करें। 2.यदि मेदा ख़राब हो,

योग करते समय कहाँ रहे हमारा ध्यान केंद्र बिंदु (Focus Centre Point) or चक्र?

चक्रों पर ध्यान करते हुए योगासनों का अभ्यास साधक की साधना में चार चाँद  लगा देता है , क्योंकि –

कैसे हो शरीर के मल पदार्थ का विसर्जन : अपान मुद्रा

संपूर्ण शरीर में मुख्य रुप से प्राण वायु स्थित है। यही प्राण वायु शरीर के विभिन्न अवयवों एवं स्थानों पर

Ajax LoaderPlease wait...

Subscribe For Latest Updates

Want to be notified when our article is published? Enter your email address and name below to be the first to know.