प्रकृति के अनमोल खजाने में से एक है जावित्री

मसाले प्रकृति के दिए अनमोल खजाने में से एक हैं। जो आपके खाने को स्‍वाद देने के साथ-साथ आपकी सेहत को भी दुरूस्‍त रखते हैं। आपने अपनी रसोई में मौजूद गर्म मसालों में कई तरह के मसाले देखें होगें। आज जिस मसाले के बारे में हम बताने जा रहे हैं वह भी आपने गर्म मसाले में देखा होगा।  जी हां आज हम आपको जावित्री के बारे में बता रहे हैं जो आपकी रसोई में मौजूद गर्म मसाले में सम्मिलित मसालों में से एक है। ज्‍यादातर लोग इस मसाले के बारे में नहीं जानते हैं। वह जायफल को ही जावित्री मानते हैं। लेकिन जायफल और जावित्री में बहुत फर्क है। हालांकि जायफल और जावित्री एक ही पेड़ के मसाले हैं। जायफल के बीज के ऊपर के छिलके को जावित्री कहते हैं। लेकिन दोनों के गुण एकदम अलग हैं।

जावित्री में बहुत अच्छी खुशबू और सुगंध होती है। जावित्री आपके खाने को अधिक स्‍वादिष्‍ट बनाने के साथ-साथ आपकी सेहत के लिए भी बहुत अच्‍छा होती है। जावित्री में एंटीऑक्‍सीडेंट, विटामिन, मिनरल, प्रोटीन, फाइबर और अन्‍य कई तरह के पोषक तत्‍व पाए जाते हैं। पहले के लोग बीमारियों का इलाज अपने रसोई में मौजूद चीजों से कर लिया करते थे। लेकिन आजकल जरा सा कुछ हुआ नहीं लगे दवा खाने। लेकिन अगर आपको बिना दवा के खुद को ठीक रखना है तो इस मसाले को अपने आहार में शामिल करें।  आइए जानें रसोई में मौजूद ये मसाला आपकी सेहत के लिए कैसे फायदेमंद होता है।

जावित्री के 11 औषधीय गुण

1.पेट के लिए अच्‍छा

जावित्री के अनेक फायदों मे से एक यह भी है कि यह हमारे पेट के लिए बहुत अच्‍छा होता है। और जावित्री हमारे पेट संबंधित जैसे कब्‍ज, अपच, पेट में दर्द, डायरिया आदि सभी बीमारियों को ठीक करता है। इसलिए अगर आप चाहते हैं कि आपका पेट सही रहें तो अपने आहार में जावित्री शामिल करें।

2.भूख बढ़ाएं

कब्‍ज के कारण कई बार भूख बहुत कम हो जाती है। और शरीर में कमजोरी आने लगती है। अगर आपको भी यह समस्‍या रहती हैं। तो आप रोजाना जावित्री का सेवन करें। इससे आपकी भूख बढ़ने लगेगी और आप बिल्‍कुल स्‍वस्‍थ हो जाएंगें।

 3.बढ़ाता है ब्‍लड सर्कुलेशन

जावि‍त्री का सेवन करने से आपके शरीर में ब्‍लड सर्कुलेशन बढ़ता है जिससे आप खतरनाक बीमारियां जैसे डायबिटीज और इंफेक्‍शन से बचे रहते हैं।  और आपके बाल और त्‍वचा भी हेल्‍दी रहती है।

जावित्री

4.अर्थराइटिस का दर्द दूर करें

जावित्री में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेंटरी गुणों के कारण यह जोड़ों में दर्द और सूजन को दूर करने में मदद करता है। अगर आप भी अर्थराइटिस से परेशान रहते हैं तो 2 ग्राम जावित्री और थोड़ी सी सोंठ मिलाकर गर्म पानी के साथ खाने से अर्थराइटिस का दर्द दूर हो जाता है।

5.तनाव करें छूमंतर

आजकल की जीवनशैली के चलते हर दूसरा व्‍यक्ति तनाव से ग्रस्‍त हैं। ऐसे में आपकी रसोई में मौजूद ये मसाला तनाव को दूर भगाता हैं। यह प्रभावशाली तरीके से तनाव और चिन्ता को दूर कर आपको शांत महसूस कराता है। तनाव दूर करने के साथ-साथ यह आपके मस्तिष्‍क को तेज करने में भी मदद करता है।

6.किडनी स्‍टोन से करें रक्षा

इस मसाले का सबसे अच्‍छा फायदा यह है कि आपके शरीर में किडनी स्‍टोन को बनने से रोकता है। और अगर स्‍टोन हो भी गया है तो उसे प्रभावी तरीके से बाहर निकाल देता है। यह किडनी इंफेक्‍शन और किडनी से जुड़ी अन्‍य समस्‍याओं के उपचार में सबसे अच्‍छी प्राकृतिक औषधि है।

7.सर्दी जुकाम का इलाज

इस मसाले से आप अपनी सर्दी और जुकाम का इलाज भी कर सकते हैं। यह आपको फ्लू और वायरल रोगों से बचाता है और आपके शरीर को रोगों से सुरक्षित रखता है। इसका उपयोग खांसी के सिरप को तैयार करने के लिए भी किया जाता है। जावित्री अस्थमा के रोगियों के लिए बहुत अच्छा होता है।

8.अद्भुत अरोमा

जैसे कि हम आपको बता चुके है कि यह मसाला अपने अद्भुत खुशबू और अरोमा के लिए भी जाना जाता है। यह आपके व्यंजनों को अधिक स्वादिष्ट बना देता है और उनमें एक अजीब सी महक भर देता है।

9.मुंह स्वास्थ्य के लिए अच्‍छा

जावित्री में एंटीबैक्‍टीरियल और एंटिफंगल गुण होते हैं। जो बैक्‍टीरिया के विकास को रोकते है जिससे सांसों की बदबू दूर होती है और मसूड़े स्वस्थ रहते है। युजनोल की उपस्थिति के कारण दांत दर्द कम करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। यहां तक कि बहुत सारे टूथपेस्ट्स और ओरल केयर उत्पादों में एक जावित्री एक आम घटक है।

10.दिल की सेहत में सुधार

जावित्री में पोटेशियम बहुत अधिक मात्रा में होता है, जिससे दिल के कार्यों को बनाए रखने में मदद करता है। यह एक रक्‍त वाहिका को आराम पहुंचाने में मदद करता है। यह हाई ब्‍लड प्रेशर का अच्छा इलाज है और ब्‍लड सर्कुलेशन में सुधार करता है। यह सामान्य हार्ट रेट और ब्‍लड प्रेशर को बनाए रखने में मदद करता है।

11.त्‍वचा के लिए उत्‍कृष्‍ट

सेहत के साथ-साथ जावित्री त्‍वचा के लिए भी बहुत अच्‍छा होता है। जी हां जावित्री मसाले का इस्‍तेमाल पुराने समय से ही त्‍वचा देखभाल के लिए किया जाता है। इसमें मौजूद एंटी-बैक्‍टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और सुखदायक गुण त्‍वचा की अच्‍छे से देखभाल करते हैं। यह जलन को कम और त्‍वचा को अच्‍छे से हाइड्रेट्स करता है। साथ ही जावित्री मुंहासे के निशान और ब्लैकहैड्स को दूर करता है। यह पोर्स को साफ  और मृत त्वचा को निकालने में मदद करता है।

तो आप रसोई में मौजूद इस मसाले का इस्‍तेमाल करना कब से शुरू कर रहे हैं?

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