तेजी से इंफर्टिलिटी (Infertility) का शिकार हो रही हैं महिलाएं

आधुनिक जीवनशैली, मोटापा, जंक फूड और तनाव के कारण महिलाएं आज तेजी से इंफर्टिलिटी का शिकार हो रही है। इसके अलावा एक बड़ा कारण पॉलिसिस्टक ओवेरियन सिंड्रोम का शिकार होना भी है। बदलती जीवनशैली के कारण इस बीमारी ने महिलाओं को इंफर्टिलिटी का शिकार बना दिया है जिससे चलते वह मां नहीं बन पाती है।  पहले जहां महिलाओं में थायराइड, शुगर और ट्यूब ब्लाकेज में गर्भधारण न होने की मुख्य वजह माना जा रहा था वहीं अब महिलाओं में पॉलीसिस्टक डिजीज के कारण महिलाएं गर्भधारण नहीं कर पा रही है।

जब वैवाहिक जोड़े एक वर्ष तक प्रयास करने के बावजूद गर्भधारण के प्रयासों में असफल रहते हैं तो इसे इंफटिर्लिटी कहते है। और अगर इंफटिर्लिटी महिला साथी के भीतर मौजूद होती है तो इसे महिला इंफटिर्लिटी कहते हैं। या आप यह भी कह सकते है कि इंफर्टिलिटी अथवा बाँझपन प्रजनन सिस्टम की वो समस्‍या है जिसके चलते महिला को गर्भधारण में समस्‍या आने लगती है। वैसे तो महिलाओं में इंफर्टिलिटी का कारण पीरियड्स में गड़बड़ी होता है।

महिलाओं में बाँझपन अथवा इंफर्टिलिटी के कारण

  • जैसा कि हम आपको बता चुके है कि महिलाओं में इंफर्टिलिटी का सबसे अहम कारण पीरियड्स में गड़बड़ी है, लेकिन अंदरूनी बड़ी चोट, हार्मोन्स में बदलाव और हार्मोन्स में असंतुलन के कारण भी महिलाएं मां नहीं बन पाती है।
  • फैलोपियन ट्यूब बंद या खराब हो जाने के कारण भी अंडे अंडकोष से बच्चेदानी में नहीं पहुंच पाते और महिला को गर्भधारण में समस्‍या होती है।
  • एंडोमेट्रियोसिस के कारण भी महिलाओं में इंफर्टिलिटी की समस्‍या होती है। ऐसा तब होता है जब सामान्य रूप से गर्भाशय में पाए जाने वाली कोशिकाएं गर्भाशय के बाहर पाई जाने लगती हैं, जिन्हें एंडोमेट्रियोसिस कहा जाता है और एंडोमेट्रियोसिस भी महिला इंफर्टिलिटी का प्रमुख कारण है।
  • शुक्राणु की गुणवत्ता खराब होने के कारण भी महिला को गर्भधारण करने में समस्‍या होती है। जी हां अगर वीर्य में शुक्राणु की गिनती 20000 से कम है तो महिला गर्भधारण नहीं कर पाती है।
  • कुछ आदतों जैसे शराब और नशीली चीजों का जरूरत से ज्‍यादा सेवन करना।
  • बहुत ज्‍यादा वजन से भी महिलाओं की फटिर्लिटी पर असर पड़ता है।
  • मोटापा कम करने के लिए तेज एक्‍सरसाइज के कारण भी इंफटिर्लिटी की समस्‍या हो सकती हैं।
  • गर्भधारण करने के लिए महिलाओं का फिट होना बहुत जरूरी है। महिलाएं सेहतमंद नहीं होगी तो इससे भी इंफटिर्लिटी की समस्‍या हो सकती है।
  • कई बार किसी बीमारी से पीडि़त होने या शारीरिक कमजोरी से भी यह समस्‍या होती है।

Infertility

इंफर्टिलिटी के लक्षण

यूं तो महिलाओं में  इसके लक्षणों को पहचाना बहुत मुश्किल होता है, परन्तु फिर भी महिलाओं में कुछ सामान्य लक्षण देखने को मिल जाते हैं। आइए महिलाओं में इंफर्टिलिटी के लक्षणों के बारे में जानें।

1.गर्भधारण में समस्या होना इंफर्टिलिटी का पहला लक्षण है।

2.अनियमित, तकलीफ देने वाला पीरियड या फिर पीरियड ना होना या फिर पीरियड में आपको सामान्य से अधिक दर्द होना, यह महिलाओं में इंफर्टिलिटी के लक्षण हो सकते हैं।

3.कुछ महिलाओं को पीरियड्स के बिना भी ब्‍लीडिंग होने लगती है। ऐसा फाइब्रॉइड्स के कारण हो  सकता है। फाइब्रॉइड्स एक प्रकार का ट्यूमर है जो गर्भाशय में टिशुओं के अनियंत्रित बढ़ने से होता है। इससे इंफर्टिलिटी की समस्या होती है।

4.संबंध बनाते समय दर्द होना। या सेक्स इच्छा में कमी होना जिससे चलते महिलाएं सेक्स से दूर भागने लगती हैं।

5.सेक्‍स के दौरान जल्दी डिस्चार्ज हो जाना या फिर फोरप्ले के लिए बहुत देर से तैयार होना।

6.कुछ महिलाओं में मोटापे की ऐसी समस्या होती है जो बहुत ज्‍यादा एक्‍सरसाइज करने के बावजूद भी दूर नहीं होती।

7.सामान्य से कम वजन

8.अनियमित पीरियड्स होना या फिर महीने में दो-दो बार पीरियड्स होना।

9.स्‍ट्रेस या आत्ममविश्वास में कमी होना।

लेकिन परेशान ना हो क्‍योंकि इंफटिर्लिटी के इलाज के लिए आजकल बहुत सी तकनीक मौजूद है, जिनसे आप इस समस्‍या का सही इलाज करवा सकती है।आईवीएफ एक ऐसी ही कारगर तकनीक है जिसकी मदद से इं‍फटिर्लिटी से पीड़ित महिला भी मां बन सकती है । अगर महिला की फेलोपियन ट्यूब में कोई खराबी है , जिसके चलते महिला के अंडकोष से अंडे बच्चेदानी तक नहीं पहुंच पाते , तो उस महिला को आईवीएफ तकनीक से गर्भधरण करवाया जा सकता है।

साथ ही इस समस्‍या से बचने के लिए एक हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल अपनाने की जरूरत है। अगर आप एक हेल्‍दी और स्‍ट्रेस फ्री लाइफ जीती है तो आपको यह समस्‍या कभी नहीं आयेगी।इं‍फटिर्लिटी की समस्‍या को दूर करने के लिए हेल्‍दी आदतें  जैसे अच्‍छी डाइट, रेगुलर एक्‍सरसाइज , शराब और स्‍मोकिंग से दूरी बनाना बेहद जरूरी है।

इसके अलावा गर्भधारण करने के लिए सही समय पर सेक्‍स किया जाना भी बहुत जरुरी है। यानि ओव्‍यूलेशन के समय में गर्भधारण के लिए सेक्‍स करना जरुरी होता है अगर उस समय आपने सेक्‍स नहीं किया तो गर्भधारण के चांसेस ना के बराबर हो जाते हैं। इसलिए अगर आप गर्भवती होना चाहती हैं तो उन दिनों सेक्‍स करना न भूलें।

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